देशभर में मानसून का कहर: भारी बारिश से जनजीवन बेहाल, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में अलर्ट

देशभर में मानसून का कहर: भारी बारिश से जनजीवन बेहाल, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में अलर्ट

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Monsoon havoc across the country: Heavy rains disrupt normal life

नई दिल्ली। Monsoon havoc across the country: Heavy rains disrupt normal life, मानसूनी बारिश ने गुरुवार को देश के कई हिस्सों में राहत के साथ ही व्यापक स्तर पर नुकसान पहुंचाया। भारी वर्षा से सामान्य जन जीवन थम गया। दिल्ली, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद में कई स्थानों में जलभराव, सड़कों में गड्ढे होने, पेड़ गिरने और अन्य तरह की घटनाएं सामने आई।

17 राज्यों में बारिश अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने आज दिल्ली समेत देश के 17 राज्यों में बारिश अलर्ट जारी किया है। गाजियाबाद में घर के बाहर हुए जल भराव में डूबकर तीन वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। वहीं इंदिरापुरम के ज्ञानखंड स्थित एक पार्क में वर्षा के दौरान ट्रांसफार्मर में करंट उतरने से सोसायटी के एक चौकीदार की जान चली गई। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में ही बारिश के कारण हुए हादसों और वज्रपात से 17 लोगों की मौत हो गई।

इनमें बुलंदशहर में मकान की दीवार गिरने से एक ही परिवार के तीन लोगों की दबकर मौत हो गई, जबकि पूर्वांचल के चार जिलों में वज्रपात से सात लोगों की जान गई।

उत्तर प्रदेश में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने अगले दो दिनों में लखनऊ समेत प्रदेश के 60 से अधिक जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। गुरुवार तड़के से शुरू हुई तेज वर्षा ने दिल्ली एनसीआर में विभिन्न एजेंसियों की तैयारियों की पोल खोल दी है। कई जगह जलभराव से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

एनसीआर में यातायात व्यवस्था रेंगती नजर आई। दिल्ली के भोगल अंडरपास में जमा पानी में बीएमडब्ल्यू कार फंस गई। साहिबाबाद में वसुंधरा सेक्टर 13 इलाके में 15 फीट तक सड़क धंसने से एक कार उसमें समा गई। वहीं यहां की कई सोसायटियों और अपार्टमेंट में जलभराव होने से 200 से अधिक वाहन खराब हो गए।

दिल्ली के ईस्ट ऑफ कैलाश और रोहिणी में भारी भरकम पेड़ गिरने से एक ई-स्कूटी और कार दब गई। उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश ने पहाड़ से लेकर मैदान तक जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। राज्य में 84 से अधिक संपर्क मार्ग भूस्खलन के कारण अवरुद्ध हैं।

नैनीताल में झील का जलस्तर बढ़ने से नौकायन रोकना पड़ा

नैनीताल में झील का जलस्तर बढ़ने से नौकायन रोकना पड़ा। चारधाम यात्रा मार्ग भी कई जगह आंशिक रूप से बाधित रहा। बारिश को देखते हुए यहां कई जिलों में विद्यालयों में शुक्रवार को अवकाश घोषित किया गया है। हिमाचल प्रदेश में कई जगह भारी वर्षा के कारण बाढ़ व भूस्खलन हुआ। किन्नौर जिले में करीब 100 फीट लंबा लोहे का बेली ब्रिज पानी में डूब गया।

सूरत में भारी बारिश से नौ लोगों की मौत

गुजरात और महाराष्ट्र में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। गुजरात के सूरत में बारिश से जुड़ी घटनाओं में नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि बाढ़ जैसे हालात के बीच करीब 3,900 लोगों को निचले इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुरुवार को सूरत पहुंचकर हालात का जायजा लिया। महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में बाढ़ के दौरान एचपीसीएल के बाटलिंग प्लांट से करीब 3,000 गैस सिलेंडर पातालगंगा नदी में बह गए। वहीं, पुणे में इमारत के मलबे से गुरुवार को एनडीआरएफ की टीम ने एक शव निकाला। अब तक नौ लोगों को बचाया गया है। यहां अभी भी छह से सात लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है।

बारिश और वज्रपात से 19 की मौत, 60 जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट

प्रदेश में मानसून ने रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। गुरुवार को बारिश के कारण हुए हादसे और वज्रपात से प्रदेश में 19 लोगों की मौत हो गई। बुलंदशहर में मकान की दीवार गिरने से एक ही परिवार के तीन लोगों की जान चली गई, जबकि गाजियाबाद में घर के बाहर जल भराव में डूबकर तीन वर्षीय बच्ची और नाले में गिरने से सात वर्षीय बच्चे की मौत हो गई।

वहीं, पूर्वांचल के चार जिलों में वज्रपात से सात लोगों की मौत हो गई। लगातार हो रही बारिश से कई जिले जलमग्न हो गए हैं, नदियां उफान पर हैं और मौसम विभाग ने शुक्रवार व शनिवार को लखनऊ समेत 60 से अधिक जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है।

वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से बना सक्रिय मौसम तंत्र मध्य प्रदेश के समीप पहुंच चुका है। इसका सीधा प्रभाव उत्तर प्रदेश पर दिखने लगा है। यही वजह है कि पूरब से पश्चिम तक झमाझम बारिश हो रही है।

चार दिन तक यूपी में जारी रहेगी बारिश

अगले चार दिनों तक अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रहेगा। सबसे अधिक असर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में देखने को मिला। मेरठ, बिजनौर, सहारनपुर, बुलंदशहर और मुजफ्फरनगर में मूसलधार बारिश से सड़कें पानी में डूब गईं। बिजनौर और सहारनपुर के दर्जनों गांवों का संपर्क कस्बों से टूट गया है।

गंगा और यमुना के जलस्तर में भी वृद्धि दर्ज की गई है

गंगा और यमुना के जलस्तर में भी वृद्धि दर्ज की गई है। बुलंदशहर के मुंडाखेड़ा गांव में दीवार गिरने से पूरा परिवार दब गया। हादसे में दंपती और एक बच्चे की मौत हो गई, तीन सदस्य घायल हैं।

गाजियाबाद के मसूरी क्षेत्र में नाले में गिरने से सात वर्षीय शाद, विजयनगर में जलभराव में डूबने से तीन वर्षीय पल्लवी, इंदिरापुरम में करंट लगने से चौकीदार नरेंद्र काछी और निवाड़ी में दीवार गिरने से कामगार रंजीत राय की जान चली गई। मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटे में बिजनौर में सर्वाधिक 306 मिमी वर्षा दर्ज की गई।